साहित्यकार डॉ0 संतलाल विश्वकर्मा “माई स्टैम्प” से सम्मानित

रायबरेली। मुख्य डाकघर में सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इसमें हिंदी के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने पर साहित्यकार डॉ0 संतलाल विश्वकर्मा को माई स्टैम्प से सम्मानित किया गया। इस दौरान उनके चित्र के साथ पांच रुपये का डाक टिकट जारी कर 12 टिकटों का एक एलबम उन्हें भेंट किया गया। गौरतलब है कि भारतीय डाक तार विभाग की ओर से माई स्टैम्प योजना के तहत लोगों के बेहतर कार्य करने पर उन्हें सम्मानित किया जाता है। इसके तहत सम्मानित होने वाले व्यक्ति का चित्र डाक टिकट पर लगा होता है। इसका उपयोग भी किया जा सकता है।

रायबरेली के सहायक डाक अधीक्षक राजेंद्र कुमार ने हिंदी पखवाड़े के समापन पर कहा कि इस पहल का उद्देश्य समाज में अच्छे कार्य के लिए प्रेरित करना है। हिंदी के क्षेत्र में डॉ0 संतलाल का कार्य काफी सराहनीय है। हमें अपनी भाषा और संस्कृति पर गर्व होना चाहिए। पोस्ट मास्टर श्रवण कुमार ने कहा कि हिंदी भाषा ही नहीं, हमारी संस्कृति भी है। हर किसी को इसे अपनाना चाहिये।

विशिष्ट वक्ता दयाशंकर ने कहा कि यदि ऐसे ही अंग्रेजी बढ़ती रहती तो 2050 तक हिंदी समाप्त हो जाएगी। भाषा के प्रति उदासीनता कतई शुभ संकेत नहीं है। डॉ0 संतलाल ने कहा कि हिंदी का शब्दभाव, ज्ञान सम्पदा बहुत समृद्ध है। इससे रोजगार के द्वार भी खुलते हैं। डॉ0 संतलाल को सम्मानित किए जाने पर डॉ0 चंपा श्रीवास्तव, अशोक कुमार गौतम, डॉ0 वैशाली चंद्रा, डॉ0 मधुरेश सिंह, अभिषेक तिवारी, ललित बाजपेई, डॉ0 आर0बी0 श्रीवास्तव, सूबेदार एस0के0 बाजपेयी, डॉ0 एस0एन0 सिंह आदि ने खुशी जताई है।
इससे पहले भी डॉ0 संतलाल विश्वकर्मा को नेशनल राजीव गांधी अवार्ड, सरस्वती प्रतिष्ठान सम्मान, अवधश्री सम्मान, हिंदी भूषण सम्मान मिल चुका है। इन्होंने हिंदी से एमए किया है व डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की है। यह राज्य सरकार की तरफ से भाषा सलाहकार भी नियुक्त किये गये हैं।

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