आपकी कलम से

आपकी कलम से

विश्वकर्मा जयन्ती के ठीक पहले प्रस्तुत बजट में विश्वकर्मा समाज को मिली बड़ी सौगात

भगवान विश्वकर्मा प्रकट उत्सव यानी विश्वकर्मा जयंती के ठीक दो दिन पहले संसद में प्रस्तुत

बुद्ध! बोधि का ही उदय सचमुच सर्वजनीन। भेदभाव से हो रहित, शून्यवाद में लीन।।

बुद्ध-पूर्णिमा के अवसर पर विशेष शुद्ध-बुद्ध विश्वात्म विभु करुणायतन! प्रणाम। प्रेम-क्षमा-औदार्य घन! मंगलप्रमन! प्रणाम।। 4285।।