पूर्व राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह व इं0 रामनयन शर्मा की पुण्यतिथि पर हुआ महायज्ञ का आयोजन

आज़मगढ़। श्री विश्वकर्मा मन्दिर आजमगढ़ में पूर्व राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह व पंडित इं0 रामनयन शर्मा की पुण्यतिथि के अवसर पर भगवान विश्वकर्मा पूजन, विशाल महायज्ञ एवं भण्डारा का आयोजन किया गया। आयोजन के मुख्य संयोजक इलाहाबाद उच्च न्यायालय के अधिवक्ता डॉ0 राजेश विश्वकर्मा ने बताया कि दोनों महान विभूतियों की पुण्यतिथि उत्सव के रूप में मनाकर यादगार बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर श्रम विभाग द्वारा 500 से अधिक श्रमिकों को शासन की ओर से विभिन्न योजनाओं जैसे 3000 की चिकित्सकीय सहायता, साइकिल वितरण, टूलकिट सहायता, रुपया 56000 विवाह सहायता, आवास सहायता आदि के लिये श्रमिक पंजीकरण शिविर लगाकर लाभान्वित किया गया। यह लाभ उत्तर प्रदेश सरकार के श्रम एवं सेवा योजन मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के निर्देश पर श्रम विभाग द्वारा दिया गया। साथ ही आयुर्वेद चिकित्सा शिविर का भी आयोजन किया गया।

महायज्ञ में बिहार से पधारे पंडित लाल बहादुर आचार्य के नेतृत्व में पंडित गोपाल शर्मा पांचाल महाराजगंज, पंडित साधु शरण शर्मा, पंडित राकेश शर्मा, मैरिज शर्मा, पंडित मयंक शर्मा, ज्योतिषाचार्य राजकुमार विश्वकर्मा, डॉ0 लालचंद विश्वकर्मा, चुन्नीलाल विश्वकर्मा वाराणसी, पंडित विनय कुमार विश्वकर्मा वाराणसी सहित 21 आचार्यों द्वारा महायज्ञ संपन्न कराया गया। अखंड विश्वकर्मा पंचायत ब्राह्मण कल्याण समिति के पदाधिकारियों की देखरेख में पंडित रवीन्द्र विश्वकर्मा, मनोज विश्वकर्मा, सुरेंद्र विश्वकर्मा आदि ने सेवाभाव से सहयोग किया। महायज्ञ में आजमगढ़, मऊ, बलिया, अंबेडकर नगर, जौनपुर, वाराणसी, इलाहाबाद के जनपदों से हजारों लोग पधारे एवं प्रसाद ग्रहण किया।

महायज्ञ समापन के पश्चात मंदिर के सामने स्थित सिंघासिनी वाटिका में सभा का आयोजन करके दोनों महामानव के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम को पूर्व मंत्री व भाजपा के प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य डॉ0 कृष्णमुरारी विश्वकर्मा ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह 5 मई, 1916 को विश्वकर्मा परिवार के रामगढ़िया कुल में पंजाब प्रांत के फरीदकोट ग्राम संधवा नामक छोटे से गांव में जन्म लेकर संघर्ष करते हुए भारत के सर्वोच्च पद महामहिम राष्ट्रपति पद को सुशोभित किया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य डॉ0 त्रिपुणायक विश्वकर्मा ने कहा कि इं0 रामनयन शर्मा एवं ज्ञानी जैल सिंह के पुण्यतिथि के अवसर पर इतना विशाल आयोजन होने से समाज को प्रेरणा मिलेगी। समाज के नौजवान सीख लेकर राष्ट्र निर्माण में सहयोग देने का काम करेगा।

कार्यक्रम में पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर के प्रबंध संकाय के डीन डॉ0 वी0डी0 शर्मा, वाराणसी से इं0 बी0 शर्मा, पत्रकार विजेंद्र प्रताप शर्मा, सत्यनारायण सिंह, संजय पाण्डेय, युवा अध्यक्ष रजनीश विश्वकर्मा, अधिवक्ता शशिकांत विश्वकर्मा, अधिवक्ता वीरेंद्र प्रकाश, अधिवक्ता अभिषेक सरोज, इलाहाबाद से गोपाल शर्मा, भाजपा पिछड़ा वर्ग नगर अध्यक्ष मोनू विश्वकर्मा, प्रवक्ता विजय शंकर मिश्र, मंदिर उपाध्यक्ष छवि श्याम शर्मा, पूर्व प्रवक्ता कल्पना सिंह, वरिष्ठ समाजसेवी रामधन शर्मा, अनिरुद्ध लाल श्रीवास्तव, योगेश धर्मवीर, रमाकांत शिल्पकार, अधिवक्ता बृजेश यादव, आशीष शर्मा, दुर्वासा मंदिर से विजेंद्र शर्मा पप्पू, मऊ से पूर्व डीजीसी कपूर चंद शर्मा, रामू राम विश्वकर्मा, राममिलन विश्वकर्मा, प्रवीण, गुलाब, सभासद दिनेश विश्वकर्मा, अरुण, रामप्रकाश, सचिन विश्वकर्मा, सोनू विश्वकर्मा, विपिन, विनोद, विजय बहादुर, अधिवक्ता कैलाश विश्वकर्मा, विंध्याचल शर्मा, समाजसेवी गोपाल विश्वकर्मा, गुलाब विश्वकर्मा, बलराम, बृजेश शर्मा, गणेश शर्मा, ओमप्रकाश विश्वकर्मा, पूर्व सैनिक अनिल विश्वकर्मा, शरद, राम लखन, महेंद्र, नंदकिशोर, बुद्धू, रमेश, संतोष, अशोक, महातम, बाबूलाल, सोनू, कीर्तिमान विश्वकर्मा, रुपेश, मनोज, सोनू, सुरेंद्र, कार्यक्रम के संयोजक डॉ0 विजेंद्र विश्वकर्मा व पतंजलि योग से सोहन लाल वर्मा, मंदिर अध्यक्ष सुविधा विश्वकर्मा, महामंत्री डॉ0 विनोद शर्मा आदि ने श्रद्धांजलि अर्पित किया।

कार्यक्रम का संचालन संजय पाण्डेय व शशिकांत श्याम ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर मातृशक्ति तथा युवा शक्ति का सम्मान किया गया। प्रशस्ति पत्र देकर सभी उत्कृष्ट व विशिष्ट कार्यों के लिए शिल्प अनुसंधान एवं विकास संस्थान लखनऊ द्वारा प्रदान किया गया। कार्यक्रम के मुख्य संरक्षक श्यामा प्रसाद शर्मा, गुरूजी मोतीलाल विश्वकर्मा, प्रेमनाथ व जगदीश ने लोगों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।

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