देश के विकास में विश्वकर्मा समाज की रही अहम भूमिका- डॉ0 के0एन0 ओझा

प्रतापगढ़ (कुलदीप विश्वकर्मा)। यंत्रो व अस्त्र-शस्त्रों के जनक माने जाने वाले भगवान विश्वकर्मा का पूजनोत्सव दिवस समारोह धूमधाम से मनाया गया। विश्वकर्मा मंदिर मानिकपुर, नरियांवा, धनगढ़, गोगहर सहित सभी कार्यदायी संस्थाओं में मशीनरी से सम्बन्धित कर्मचारियों ने पूरे श्रद्धा भाव से भगवान विश्वकर्मा की पूजा अर्चना किया।

जिसके उपरांत भण्डारे का भी आयोजन किया गया। वहीं लोहे के उपकरणों का व्यापार करने वाले व्यापारियों ने अपने-अपने प्रतिष्ठानों में भगवान विश्वकर्मा की अराधना की और प्रसाद का वितरण किया। नगर पंचायत मानिकपुर स्थित विश्वकर्मा मंदिर पर विश्वकर्मा समाज द्वारा भव्य विश्वकर्मा पूजन महोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसका शुभारंभ अतिथियों ने भगवान विश्वकर्मा का पूजन अर्चन कर किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जनसत्ता दल लोकतांत्रिक पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव डॉ0 के0एन0 ओझा ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा एक ऐसे भगवान थे जिन्होंने सभी देवी देवताओं की आत्मरक्षा के लिए अस्त्र-शस्त्र व रहने के लिए भवन का निर्माण किया। उन्होंने कहा कि देश के विकास में विश्वकर्मा समाज का योगदान महत्वपूर्ण है। बाबागंज विधायक विनोद सरोज ने कहा कि विश्वकर्मा समाज राजा भैया परिवार का अभिन्न अंग है। इसके हर सुख-दुख में राजा भैया परिवार सदैव खड़ा रहेगा।

विशिष्ट अतिथि डॉ0 शशिकांत शर्मा प्रबन्धक न्यू स्टैण्डर्ड पब्लिक स्कूल, रायबरेली ने कहा कि शिक्षा से ही समाज का विकास संभव है। उन्होंने समाज के लोगों से बच्चों को शिक्षित बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम को राष्ट्रीय कथावाचक अतुल जी महाराज, श्यामलाल विश्वकर्मा के0के0 विश्वकर्मा, राम विशाल, मिश्री लाल, पूर्व प्रमुख बी0एन0 सिंह आदि लोगों ने संबोधित किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता राम कैलाश विश्वकर्मा व संचालन जुगनू ने किया। इस दौरान समाज के मेधावी बच्चों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके पूर्व हवन पूजन व अतिथियों का फूल मालाओं से स्वागत किया। जिसके बाद भंडारे का आयोजन किया गया। भण्डारे में हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।

इस मौके पर राजा भैया प्रतिनिधि हरिओम शंकर श्रीवास्तव, ब्लाक प्रमुख कुंडा संतोष सिंह, विनोद, सुनील दत्त, सुरेश, डा0 एसपी, राहुल, प्रधान शिवशरण, राम लखन, छेदी, बड़कू, फूलचंद, जगदेव, रामसूरत, सभासद राजू विश्वकर्मा, विनोद विश्वकर्मा उर्फ गुरुजी, लक्ष्मी नारायण गुरु जी, शिवकेश विश्वकर्मा शिक्षक, प्रदीप विश्वकर्मा शिक्षक, सुनील विश्वकर्मा शिक्षक, सत्येंद्र विश्वकर्मा शिक्षक आदि लोग मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *