दुःखद: नहीं रहे “धूप-छांव” के लेखक इन्द्रजीत प्रसाद शर्मा

लखनऊ। काफी लम्बे समय तक उत्तर प्रदेश राजभवन में उद्यान अधिकारी के पद पर तैनात रहे इन्द्रजीत प्रसाद शर्मा हम सभी के बीच नहीं रहे। आज दिनांक 7 मार्च 2020 को प्रातः करीब 10:30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। वह विश्वकर्मा वंश के अनमोल रत्न थे। उन्होंने अपनी जीवनी पर एक पुस्तक लिखी थी जिसका शीर्षक है “धूप-छांव।” इस पुस्तक का विमोचन उत्तर प्रदेश के राजभवन में तत्कालीन राज्यपाल राम नाईक के हाथों हुआ था। उत्तर प्रदेश विश्वकर्मा वंश के इतिहास में वह पहला ऐतिहासिक अवसर था जब किसी विश्वकर्मा वंशी द्वारा अपनी जीवनी पर लिखी पुस्तक का विमोचन राजभवन में राज्यपाल ने किया और करीब चार दर्जन विश्वकर्मा समाज के लोग राजभवन के अतिथि रहे।
इन्द्रजीत प्रसाद शर्मा के निधन से विश्वकर्मा समाज में शोक की लहर दौड़ गई है। मूल रूप से देवरिया जिले के निवासी इन्द्रजीत प्रसाद शर्मा लखनऊ के संजय गांधीपुरम में रह रहे थे। वह काफी दिनों बीमार अवस्था में थे जिनकी देखरेख उनके बड़े पुत्र मनोज कुमार शर्मा कर रहे थे। कई राज्यपालों के कार्यकाल में सेवारत रहे इन्द्रजीत प्रसाद शर्मा सभी के चहेते रहे। यही कारण है कि सेवानिवृत्त होने के बावजूद उनका आवागमन राजभवन में बना रहा।

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