सत्ता में भागीदारी का माध्यम हो अभियान— जे0एन0 विश्वकर्मा

लखनऊ। आजादी के 72 वर्षों बाद भी अति पिछड़े वर्ग का महत्वपूर्ण अंग विश्वकर्मा समाज सत्ता में भागीदारी से दूर है। विश्वकर्मा एकीकरण अभियान विश्वकर्मा समाज की सत्ता में भागीदारी के लिये प्रतिबद्ध है। उक्त विचार अवकाश प्राप्त आई0ए0एस0 व विश्वकर्मा एकीकरण अभियान के राष्ट्रीय प्रमुख जे0एन0 विश्वकर्मा ने अभियान दिवस के अवसर पर उपस्थित लोगों के समक्ष प्रकट किया गया। ज्ञात हो कि प्रतिवर्ष 12 अगस्त को विश्वकर्मा एकीकरण अभियान की तरफ से ‘अभियान दिवस’ का आयोजन किया जाता है। अभियान दिवस प्रत्येक वर्ष देश के विभिन्न ​भागों में आयोजित होता है। इस वर्ष यह लखनऊ के मकबूलगंज स्थित ककुहांस विश्वकर्मा मन्दिर में मनाया गया।


बतौर मुख्य अतिथि अभियान प्रमुख जे0एन0 विश्वकर्मा ने अपने सम्बोधन में कहा कि विश्वकर्मा समाज की जनसंख्या कुल आबादी का 10 प्रतिशत है, इसके बावजूद भी उपेक्षित है। विश्वकर्मा एकीकरण अभियान विश्वकर्मा समाज को आबादी के अनुपात में हिस्सेदारी के लिये प्रतिबद्ध है, इसके लिये संघर्ष किया जायेगा। अभियान के प्रदेश प्रभारी नरेश पांचाल ने कहा कि आगामी विधानसभा—2022 के चुनाव में विश्वकर्मा समाज के स्वयंसेवक सक्रिय भागीदारी निभाते हुये अपने समाज के प्रतिनिधियों को विधानसभा में भेजने का काम करेंगे।


इस अवसर पर राष्ट्रीय संचालक नरेश विश्वकर्मा, मंजू विश्वकर्मा, राम सुमिरन शर्मा, राम मनो​हर वर्मा, अशोक शर्मा, रमाशंकर शर्मा, इं0 राकेश शर्मा, बेचू विश्वकर्मा, महेश योगी, जे0पी0 शर्मा, प्रेम नारायण, अजय सोनी, गोपाल शर्मा, महेन्द्र विश्वकर्मा, पवन शर्मा, गौरव धीमान, विनोद विश्वकर्मा, मनोज शर्मा, आशीष शर्मा, दान किशोंर विश्वकर्मा, मीना विश्वकर्मा, अहिबरन सिंह विश्वकर्मा, राजेश विश्वकर्मा एडवोकेट, राम कैलाश शर्मा, राम भुआल विश्वकर्मा एडवोकेट, शिवबली विश्वकर्मा, प्रेमचन्द विश्वकर्मा सहित काफी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

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