जर्मन लोहार का बनाया ये है दुनिया का सबसे तेज चाकू

प्राचीन दमिश्क के लोहार बेहद तेज और लचकदार चाकू और तलवार बनाने में महारथ रखते थे। एक जर्मन लोहार ने उसी तरीके को इस्तेमाल करते हुए दुनिया का सबसे तेज और सबसे महंगा चाकू बनाया है। लार्स शाइडलर को बचपन से ही जादुई तलवारों और चाकुओं से लगाव था। इसलिए उन्होंने हथियारों और औजारों का इतिहास पढ़ा और जाना कि पिछले साढ़े तीन हजार साल में हथियार कैसे तैयार किए जाते रहे हैं। दमिश्क के लोहारों का चाकू बनाने का तरीका अब चलन में नहीं है। लेकिन शाइडलर ने अपनी वर्कशॉप में इन्हीं पुरानी तकनीकों को फिर से आजमाया। वह बताते हैं, “कहा जा सकता है कि छुरी और चाकू दुनिया के सबसे पुराने हथियारों में से एक हैं। पारंपरिक तौर पर लोहारों के यहां पर चाकू तैयार किया जाना इंसानी संस्कृति का हिस्सा रहा है।”
दमिश्की चाकू स्टील की सैकड़ों परतों से बनता है। शाइडलर और उनके साथी कई परतों से बनी प्लेट को चपटा कर 30 सेंटीमीटर तक की लंबाई तक लाते हैं। फिर वे चमकते स्टील की एक दूसरे के ऊपर तहें लगाते हैं। वे 480 परतें बनने तक ऐसा ही करते रहते हैं। वह कहते हैं, “इसका आधार धातु का पारंपरिक काम है। फिर मौजूदा दौर की आधुनिक कोटिंग टेक्नीक और जंक लगने से बचाव के तरीके भी इस्तेमाल में लाए जाते हैं। ” शाइडलर के बनाए एक चाकू की कीमत चार हजार यूरो है यानी करीब तीन लाख रुपये से भी ज्यादा। इसकी धार एक मिलीमीटर के हजारवें हिस्से जितनी पतली है। इतनी पतली कि इंसानी बाल को भी दो हिस्सों में चीर सकती है।

—सुनील शर्मा विश्वकर्मा

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