लेफ्टिनेंट जनरल असित मिस्त्री राष्ट्रपति द्वारा “परम विशिष्ट सेवा मेडल” से सम्मानित

दिल्ली। लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) असित मिस्त्री को परम विशिष्ट सेवा मेडल (पीवीएसएम) से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन में आयोजित कार्यक्रम उन्हें इस मेडल से सम्मानित किया। 72वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर इसकी घोषणा की गई थी। वे सिर्फ तीसरे गुजराती हैं जो भारतीय सेना में इतने ऊंचे ओहदे तक पहुंचे हैं। इससे पहले भारतीय सेना में कमांडर इन चीफ रह चुके जनरल राजेन्द्र सिंह जाडेजा और लेफ्टिनेंट जनरल महिपत सिंह ही इतने ऊंचे पद तक पहुंचे हैं।

मूलरूप से वड़ोदरा के रहने वाले लेफ्टिनेंट जनरल मिस्त्री पिछले महीने ही एनडीए के कमांडेंट पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। वे मराठा लाइट इन्फैन्ट्री के कर्नल रह चुके हैं। चार दशकों के अपने मिलिट्री करियर में उन्हें अति विशिष्ट सेवा मेडल (एवीएसएम), सेना मेडल (एसएम), विशिष्ट सेवा मेडल (वीएसएम) से सम्मानित किया जा चुका है। सेवानिवृत्ति के बाद अब वे रक्षा शक्ति यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ इंटरनल सिक्योरिटी, डिफेंस एंड स्ट्रैटेजिक स्टडीज के निदेशक के रूप में कार्यरत हैं।

25 अक्टूबर 1961 को वड़ोदरा में जन्मे लेफ्टिनेंट जनरल मिस्त्री ने सैनिक स्कूल बालाचडी से पढ़ाई की और 1978 में एनडीए के लिए चयनित हुए। परम विशिष्ट सेवा मेडल भारत का सैन्य सम्मान है जो शांतिकाल के लिए सबसे असाधारण कार्य के लिए दिया जाता है।

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