सपा सरकार बनी तो लखनऊ में गोमती तट पर बनेगा भव्य विश्वकर्मा मन्दिर— अखिलेश यादव

लखनऊ। भगवान विश्वकर्मा पूजा दिवस के चार दिन बाद यानी 21 सितम्बर को अखिल भारतीय विश्वकर्मा शिल्पकार महासभा द्वारा विश्वकर्मा पूजा समारोह लखनऊ में समाजवादी पार्टी कार्यालय के प्रांगण में आयोजित किया गया। इस समारोह के मुख्य अतिथि सपा प्रमुख व पूर्व मुख्यमन्त्री अखिलेश यादव रहे। ज्ञातव्य हो कि सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव भी अपने अध्यक्षीय काल और मुख्यमन्त्रित्व काल में विश्वकर्मा पूजा समारोहों में बराबर भाग लेते रहे। इस विश्वकर्मा पूजा समारोह में विश्वकर्मा समाज ने अपनी ताकत दिखाते हुये समाजवादी पार्टी में अधिकार व राजनीतिक हैसियत बढ़ाने का प्रयास किया है। आयोजक की भी मंशा यही थी कि विश्वकर्मा समाज की समाजवादी पार्टी में ताकत बढ़े।


विश्वकर्मा पूजा समारोह में पधारे सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भगवान विश्वकर्मा की विधिवत पूजा—अर्चाना की तत्पश्चात समारोह को सम्बोधित किया। अपने सम्बोधन में अखिलेश यादव ने कहा कि सपा सरकार ने 17 सितम्बर भगवान विश्वकर्मा पूजा दिवस को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया था। वर्तमान भाजपा सरकार ने विश्वकर्मा पूजा का अवकाश निरस्त कर भगवान विश्वकर्मा का अपमान तो किया ही, विश्वकर्मा समाज व भगवान विश्वकर्मा को पूजने वालों पर भी कुठाराघात किया है। कहा कि भविष्य में जब भी समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी, विश्वकर्मा पूजा का सार्वजनिक अवकाश बहाल किया जायेगा। इतना ही नहीं, श्री यादव ने सपा सरकार बनने पर लखनऊ में गोमती तट पर भगवान विश्वकर्मा का भव्य मन्दिर बनवाने की भी घोषणा की। श्री यादव ने विश्वकर्मा समाज के उत्पीड़न पर भाजपा सरकार को घेरा। कहा कि पिछड़ों के बल पर सरकार बनाने वाली पार्टी पिछड़ों का ही शोषण और उत्पीड़न कर रही है। इस अवसर पर अखिलेश यादव ने शिल्प क्रान्ति पत्रिका, कारपेन्टर न्यूज पेपर तथा विश्वकर्मा चालीसा सीडी का भी विमोचन भी किया।


इससे पूर्व पूजा समारोह के आयोजक अखिल भारतीय विश्वकर्मा शिल्पकार महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्वमन्त्री राम आसरे विश्वकर्मा ने स्वागत भाषण किया। अपने सम्बोधन में श्री विश्वकर्मा ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा ही हमारे आराध्य देव हैं और इन्हीं से हमारी पहचान है। भगवान विश्वकर्मा की पूजा हमारे गौरव और सम्मान से जुड़ा है। भगवान विश्वकर्मा को निर्माण के देवता के रूप जाना जाता है। भगवान शिव को सोने का महल, भगवान कृष्ण को द्वारिकापुरी, भगवान इन्द्र को इन्द्रपुरी तथा यम को यमपुरी और भगवान राम का पुष्पक विमान का निर्माण भगवान विश्वकर्मा ने किया था।देश और दुनिया के विकास और तकनीकी निर्माण में आज भी विश्वकर्मा वंशजो का बहुत बड़ा योगदान है। सूचना क्रान्ति के जनक सैम पित्रोदा, स्टेच्यू आॅफ यूनिटी (सरदार पटेल की मूर्ति) बनाने वाले राम वी सुतार, साइकिल के आविष्कार मैकमिलन तथा होण्डा कार का आविष्कार करने वाले साइचिरो होण्डा सभी विश्वकर्मा समाज के थे। अमेरिका के राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन और भारत के राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह विश्वकर्मा समाज में पैदा होकर विश्वकर्मा समाज का नाम आगे बढ़ाया। ज्ञानी जैल सिंह के पौत्र इन्द्रजीत सिंह आज इस समारोह में मौजूद हैं, यह गर्व का विषय है। लेकिन देश व प्रदेश की सरकारों ने विश्वकर्मा समाज के विकास की तरफ ध्यान नहीं दिया। आज विश्वकर्मा समाज की आर्थिक, सामाजिक व राजनैतिक क्षेत्र में भागीदारी न के बराबर है। आबादी के अनुरूप लोकसभा राज्यसभा विधानसभा और सरकार में भागीदारी नहीं दी गयी। हमारे रोजगार के लिये न तो कानून बनाया गया और न योजनाएं चलायी गयी। आरक्षण के तहत विश्वकर्मा समाज को नौकरी व सम्मान नहीं दिया गया। बंटे और बिखरे होने के कारण आज तक न तो विश्वकर्मा समाज की सामाजिक ताकत बन पायी और न राजनैतिक हिस्सेदारी मिल पाई।


श्री विश्वकर्मा ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार में मुख्यमन्त्री अखिलेश यादव ने विश्वकर्मा पूजा पर सरकारी अवकाश घोषित करके तथा समाज के इण्टर पास विश्वकर्मा समाज के लड़को को आईटीआई का प्रमाण पत्र और वर्कशाप के लिये ग्रामसभा का पट्टा देने का आदेश जारी करके समाज की हैसियत बनायी थी जिसे भाजपा सरकार ने निरस्त कर दिया।संगठित नहीं होने के कारण हम अपनी लडाई नहीं लड पर रहे हैं। भाजपाराज में विश्वकर्मा समाज के ऊपर लगातार उत्पीड़न अत्याचार और हत्यायें हो रही है। श्री विश्वकर्मा ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा सहारनपुर के पत्रकार आशीष धीमान और आशुतोष धीमान की हत्या होने पर उनके परिवार को पार्टी कोष से 5 लाख रूपये देने पर उनका आभार प्रकट किया। उन्होंने सभी राज्यों के नेताओं से अपने अधिकारों के लिये संघर्ष करने और अपना अधिकार लेने को एकजुट होने पर जोर दिया। कहा कि अखिल भारतीय विश्वकर्मा शिल्पकार महासभा आपके अधिकार और सम्मान की लडाई में आपके साथ है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमन्त्री अखिलेश यादव की घोषणा कि ”समाजवादी सरकार बनने पर गोमती तट पर भगवान विश्वकर्मा का मंदिर बनेगा और विश्वकर्मा पूजा पर पुन: सार्वजनिक अवकाश होगा तथा जातीय जनगणना कराकर विश्वकर्मा समाज को उनकी जनसंख्या के बराबर अधिकार, आरक्षण और सम्मान दिया जायेगा” पर श्री विश्वकर्मा ने अखिलेश यादव को धन्यवाद दिया और कहा कि प्रदेश का विश्वकर्मा समाज आपके साथ जुटकर 2022 में आपको मुख्यमन्त्री बनायेगा।


अखिल भारतीय विश्वकर्मा शिल्पकार महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्वमन्त्री रामआसरे विश्वकर्मा ने राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को बुकें, शाल और मोमेन्टो देकर स्वागत किया। समारोह में आये विधानसभा में नेता विरोधी दल सर्वश्री रामगोविन्द चौधरी, पूर्वमन्त्री राजेन्द्र चौधरी, सपा प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल, एस0आर0एस0 यादव एवं अरविन्द कुमार सिंह एमएलसी का भी श्री विश्वकर्मा ने स्वागत किया। पूर्व राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह के पौत्र इन्द्रजीत सिंह तथा विश्वकर्मा पूजा समारोह में विभिन्न प्रदेशों के विश्वकर्मा समाज के अध्यक्ष और प्रभारी संतोष विश्वकर्मा (बंगलुरू), शंकर राव चुरागले (महाराष्ट्र), गंगाराम विश्वकर्मा (मुम्बई), सुरेश बैराठी (जयपुर), भगवान राम फौजी (जोधपुर), कालूराम लोहार (अहमदाबाद), माताराम धीमान (चंडीगढ़), मोहन आचारी (केरल), त्रिवेन्द्र पांचाल (नई दिल्ली), रवीन्द्र धीमान (हरिद्वार), सुभाष राना (झारखण्ड), दिनेश वत्स (नई दिल्ली), मिथलेश विश्वकर्मा (बिहार), रामबाबू विश्वकर्मा (लुधियाना), के0 बसंत कुमार (बंगलुरू), इं0 विजेश शर्मा (सहारनपुर), राजेश विश्वकर्मा (जौनपुर), विश्वनाथ विश्वकर्मा (गोरखपुर), अच्छेलाल विश्वकर्मा (लखनऊ), आशुतोष विश्वकर्मा (बिजनौर), चंदन विश्वकर्मा (गोरखपुर), राकेश विश्वकर्मा (लखनऊ) तथा परशुराम विश्वकर्मा (लखनऊ) का भी राम आसरे विश्वकर्मा ने स्वागत किया। पूजा समारोह में विभिन्न जनपदों और प्रदेशों से हजारों लोगों ने भाग लिया।

—शिव प्रकाश विश्वकर्मा

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