विश्वकर्मा पूजा अवकाश हेतु मुख्यमन्त्री को ज्ञापन व ईमेल भेजेगा विश्वकर्मा समाज- अशोक विश्वकर्मा

वाराणसी (इन्द्रकुमार विश्वकर्मा)। ऑल इण्डिया यूनाइटेड विश्वकर्मा शिल्पकार महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक कुमार विश्वकर्मा ने लोहटिया स्थित अपने निवास पर पत्र प्रतिनिधियों से वार्ता करते हुए कहा कि विश्वकर्मा पूजा दिवस पर पूर्ववर्ती सरकार द्वारा जारी अवकाश को योगी सरकार ने भगवान विश्वकर्मा को महापुरुष बता रद्द कर दिया है। जिससे भगवान विश्वकर्मा में आस्था रखने वाले सभी जाति, धर्म, वर्ग के करोड़ों लोगों की धार्मिक आस्था एवं भावनाओं को गहरा आघात लगा है। विश्वकर्मा पूजा दिवस 17 सितम्बर को सार्वजनिक अवकाश घोषित करने तथा भगवान विश्वकर्मा के जीवन चरित्र को शैक्षिक पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग को लेकर 23 अगस्त से 30 अगस्त तक देशव्यापी अभियान चलाकर ईमेल व ज्ञापन भेजा जायेगा।

उन्होंने बताया कि सनातन धर्म के सभी वेद शास्त्र एवं पुराणों में देव शिल्पी विश्वकर्मा को भगवान कहा गया है। मौजूदा सरकार द्वारा भगवान को महापुरुष का दर्जा देकर अपमानित कर करोड़ों लोगों की आस्था पर आघात करना अति निन्दनीय है। उन्होंने सरकार पर झूठे वादे कर धोखा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने भगवान विश्वकर्मा के जीवन चरित्र को शैक्षिक पाठ्यक्रम में शामिल करने का वादा किया था, जिसे पूरा ना करके धोखा दिया है।

उन्होंने बताया कि विश्वकर्मा पूजा दिवस 17 सितम्बर को सार्वजनिक अवकाश घोषित करने तथा भगवान विश्वकर्मा के जीवन चरित्र को शैक्षिक पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग को लेकर 23 अगस्त से 30 अगस्त तक देशव्यापी ईमेल व ज्ञापन भेजो अभियान चलाया जाएगा। इसी क्रम में 27 अगस्त को प्रदेश भर में जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया जाएगा। उन्होंने विश्वकर्मा समाज के प्रतिनिधियों, देशभर के संगठनों एवं विश्वकर्मा वंशियों से अपील किया है कि सप्ताह भर चलने वाले इस अभियान में शामिल होकर सरकार को ज्ञापन एवं लाखों ईमेल भेजकर अपनी एकजुटता की ताकत दिखाएं।
इस मौके पर जिला अध्यक्ष नंदलाल विश्वकर्मा, विधि प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष सुरेश शर्मा एवं नगर अध्यक्ष भैरव विश्वकर्मा सहित सुरेश विश्वकर्मा, महेंद्र विश्वकर्मा आदि पदाधिकारीगण उपस्थित थे।

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