एक बार फिर आजाद मैदान!

साल 2015 में उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में जलाकर मारी गई ज्योति विश्वकर्मा को न्याय दिलाने के लिए पहली बार मुम्बई का विश्वकर्मा समाज आजाद मैदान में धरना-प्रदर्शन के लिए उमड़ा था। और एक बार फिर 7 जनवरी 2020 को आजाद मैदान का रुख कर रहा है। यह धरना-प्रदर्शन उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में दरिन्दगी के बाद जलाकर मारी गई मोहिनी विश्वकर्मा को न्याय दिलाने के लिये आयोजित किया जा रहा है। प्रतापगढ़ की ज्योति भी जलाकर मारी गयी थी और उन्नाव की मोहिनी भी जलाकर मारी गयी। ज्योति को न्याय दिलाने के लिये मुम्बई के साथ ही महाराष्ट्र का विश्वकर्मा समाज आज़ाद मैदान में उमड़ा था और अब मोहिनी को न्याय दिलाने के लिये 7 जनवरी 2020 को आज़ाद मैदान में उमड़ेगा।


आप सभी को बताना चाहूंगा कि सामाजिक सक्रियता और मजिस्ट्रेट के सामने दिये गये बयान के आधार पर 1 वर्ष पूर्व ही न्यायालय प्रतापगढ़ की ज्योति के हत्यारों को आजीवन कारावास की सजा सुना चुकी है। उन्नाव की मोहिनी ने भी मजिस्ट्रेट को बयान दे दिया था। यदि सामाजिक सक्रियता बनी रही और प्रशासन पर दबाव बना रहा तो सुबूतों के आधार पर मोहिनी के हत्यारों की फांसी तय है। यदि समाज जरा भी बेफिक्र हुआ तो फिटरतबाज आरोपी सुबूतों से छेड़छाड़ करके अपने को बचाने का प्रयास कर सकते हैं। समाज के लोगों का दायित्व और कर्तव्य है कि वह मोहिनी के हत्यारों को फांसी दिलाने के लिये पूरे देश से, कोने-कोने से तब तक आवाज़ उठाते रहें जब तक हत्यारों को फांसी न हो जाय।

-कमलेश प्रताप विश्वकर्मा

2 thoughts on “एक बार फिर आजाद मैदान!

  1. कमलेश जी विश्वकर्मा समाज आप का सदा आभारी रहेगा क्योकि समय समय आप समाज की बात रखते रहते हैं ? ?

  2. जय हो,मुझे आशा ही नही पूर्ण विश्वास है कि क़ातिलों को फाँसी की सजा अवश्य होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *