राजमिस्त्री के बेटे मनदीप जांगिड़ को एचसीएस में मिली सफलता, बने आबकारी अधिकारी

हिसार। जांगिड़ समाज के होनहार युवा जिन्होंने गरीबी के दंश को बड़े ही नजदीक से जिया है, हरियाणा सिविल सर्विसेज में सफलता प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। राजमिस्त्री का काम करने वाले रामचन्द्र जांगिड़ व गृहिणी सावित्री देवी के परित्याग से मनदीप जांगिड़ एचसीएस में चयनित हो आबकारी एवं कराधान अधिकारी का पद हासिल किया है। मनदीप की सफलता में उनकी धर्मपत्नी सुमन देवी की अनथक साधना और प्ररेणा भी मिश्रित है। अपनी सफलता के रहस्य को उजागर करते हुए मनदीप ने कहा कि एक गरीब राज मिस्त्री का बेटा जिसने खुद मज़दूरी की हो वह इस पद पर पहुंचने के बारे में सोच भी नहीं सकता था। लेकिन उनके जीवन में बड़ा मोड़ तब आया जब एक बार मज़दूरी करते समय उनके हाथों में पड़े हुए छाले देखे तो उनके पिता जी की आंखों में आसूं आ गये। उसी दिन उन्होंने कसम खाई कि वह पिता जी की आंखों में आसूं नहीं देख सकते हैं।
मनदीप जांगिड़ ने बताया कि उनके मन में एक धारणा बनी कि अगर जीवन में आशातीत सफलता हासिल करनी है तो बेहतर शिक्षा के बिना सम्भव नहीं है। उसने कठोर परिश्रम किया और अपनी फीस चुकाने के लिए बच्चों को ट्यूशन पढ़ाकर अपना खर्च चलाना पड़ा था। उन्हें मालूम था कि पिता जी एक राजमिस्त्री के रूप में पांच बच्चों का भली भांति पालन-पोषण नहीं कर सकते हैं। लेकिन उनके आशीर्वाद और उनकी धर्मपत्नी सुमन के महान परित्याग ने जीवन में आगे बढ़ने के लिए उनका निरन्तर हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि उनकी शादी बड़ी जल्दी हो गई थी, उस समय वे बीएससी प्रथम वर्ष के छात्र थे और उनकी आयु मात्र 20 वर्ष की रही होगी। उन्होंने प्रारम्भिक शिक्षा अपने गांव फरवैन कलां से प्राप्त की। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सिरसा से हायर सेकेण्डरी और स्नातक की डिग्री राजकीय महाविद्यालय सिरसा तथा फिजिक्स में स्नातकोत्तर की डिग्री कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र से हासिल की। उन्होंने अपनी प्रतिभा का परिचय देते हुए गैट, चार बार नैट, जेआरएफ की परीक्षा पास की। अपनी दक्षता के बल पर उन्होंने वर्ष 2013 में स्कूल शिक्षा विभाग में प्रवक्ता के रूप में नियुक्ती हासिल की और आज वह उसी स्कूल में प्रवक्ता हैं जहां से उन्होंने 10+2 की परीक्षा पास की थी।
मनदीप ने कहा कि जनसेवा के माध्यम से जनता की सेवा करने का संकल्प पूरा करने में माता-पिता के साथ-साथ धर्मपत्नी तथा मेरे स्कूल में वाणिज्य विषय के प्रवक्ता राजेश खुराना के साथ ही मेरे दो छोटे-छोटे ने हौसला बढ़ाने का काम किया। उनका लक्ष्य हरियाणा सिविल सर्विस के सर्वोच्च पद को हासिल करने का है। उनका यह प्रथम प्रयास था जिसमें वह सहायक आबकारी एवं कराधान अधिकारी के रूप में चयनित हुए हैं। उन्हें पूर्ण विश्वास है कि अगले प्रयास में वह अपना लक्ष्य हासिल करने में सफल होंगे।
मनदीप जांगिड़ की सफलता पर जांगिड़ समाज में हर्ष है। लोग उन्हें बधाई व शुभकामनाएं दे रहे हैं। “विश्वकर्मा किरण” पत्रिका परिवार की तरफ से भी बधाई व शुभकामनाएं।

-राम भगत शर्मा, चंडीगढ़

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