राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सादगीपूर्ण मनाया भगवान विश्वकर्मा पूजनोत्सव

आजमगढ़। अखिल भारतीय विश्वकर्मा शिल्पकार महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्वमन्त्री रामआसरे विश्वकर्मा ने विश्वकर्मा भवन नरौली आजमगढ में भगवान विश्वकर्मा का पूजन उत्सव सादगीपूर्ण तरीके से मनाया। महासभा की तरफ से प्रतिवर्ष लखनऊ में बड़ा कार्यक्रम आयोजित होता था परन्तु कोरोना के कारण इस वर्ष विश्वकर्मा पूजा लोगों ने घरों व मन्दिरों में ही मनाया। कोई भी सार्वजनिक कार्यक्रम नहीं हो सका। इसी कारण राष्ट्रीय अध्यक्ष रामआसरे विश्वकर्मा ने भी नरौली स्थित विश्वकर्मा भवन में ही चंद लोगों की उपस्थिति में भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना कर औपचारिकता निभाई। श्री विश्वकर्मा ने समस्त देशवासियों तथा विश्वकर्मा समाज को भगवान विश्वकर्मा के पूजा दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी।

बाद में पत्रकार वार्ता में पूर्वमन्त्री ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा हमारे आराध्य देवता हैं। सृष्टि की रचना एवं समस्त निर्माण कार्य भगवान विश्वकर्मा ने ही किया है। भगवान विश्वकर्मा समाज के गौरव व स्वाभिमान के प्रतीक है। विश्वकर्मा समाज की पहचान भगवान विश्वकर्मा से बनी है। सपा सरकार में तत्कालीन मुख्यमन्त्री मुलायम सिंह यादव व अखिलेश यादव ने विश्वकर्मा पूजा की छुट्टी घोषित कर भगवान विश्वकर्मा का सम्मान किया था। विश्वकर्मा समाज की भावनाएं भगवान विश्वकर्मा के पूजा दिवस से जुड़ी हैं। वर्तमान भाजपा सरकार में मुख्यमन्त्री योगी आदित्य नाथ ने विश्वकर्मा पूजा की छुट्टी निरस्त कर भगवान विश्वकर्मा का अपमान कर दिया। सरकार को इतनी बड़ी आबादी की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए था।

श्री विश्वकर्मा ने बताया कि समाजवादी पार्टी के प्रदेश कार्यालय लखनऊ में प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम ने भगवान विश्वकर्मा की पूजा की। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि सपा सरकार बनने पर भगवान विश्वकर्मा पूजा का सार्वजनिक अवकाश पुन: घोषित किया जायगा। लखनऊ के गोमती नदी के तट पर भगवान विश्वकर्मा का भव्य मन्दिर बनाया जायेगा। विश्वकर्मा समाज को उनकी आबादी के अनुपात मे अधिकार और सुविधाएं दी जायेगी। विश्वकर्मा समाज को सरकार और राजनीति में समुचित भागीदारी दी जायेगी। पूर्वमन्त्री रामआसरे विश्वकर्मा ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के इस बयान के लिये धन्यवाद ज्ञापित किया।

-शिव प्रकाश विश्वकर्मा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *