सामाजिक एकता की शानदार पहल, मनु-दैवज्ञ का हुआ आपस में सम्बन्ध

गोरखपुर। अखिल भारतीय विश्वकर्मा महासंघ के संरक्षक डॉ0 वी0एन0 विश्वकर्मा ने सामाजिक एकता की शानदार पहल की है। उनकी सोच है कि विश्वकर्मा वंशज मनु, मय, त्वष्टा, शिल्पी और दैवज्ञ के आपस में सम्बन्ध प्रगाढ़ हों। ऐसा होने से विश्वकर्मा समाज की ताकत बढ़ जायेगी। इसी को ध्यान में रखते हुये डॉ0 विश्वकर्मा ने अपने बड़े पुत्र कृष्णा विश्वकर्मा (मनु, शाण्डिल्य गोत्र) का विवाह श्रीधर वर्मा की पुत्री ज्योति वर्मा (दैवज्ञ, सुपर्ण गोत्र) से की है। बीते 19 नवम्बर को दोनों परिणय सूत्र बन्धन में बंधे।
डॉ0 वी0एन0 विश्वकर्मा और श्रीधर वर्मा ने आपस मे रोटी-बेटी का रिश्ता करके शानदार पहल की है और एकता का सन्देश दिया है। आपको बता दें कि इससे पूर्व कुछ वर्ष पहले आई0पी0एस0 अधिकारी राजकुमार विश्वकर्मा ने अपनी पुत्री का विवाह आई0ए0एस0 मनीष वर्मा (दैवज्ञ) से करके सामाजिक एकता का सन्देश दिया था। यह एक मिशाल है समस्त विश्वकर्मा वंशीय समाज मनु, मय, त्वष्टा, शिल्पी और दैवज्ञ के लिए। हम सभी लोग एक कदम आगे बढ़ाते हुये इसी तरह रोटी-बेटी के रिश्ते के जरिये आपसी एकता और भाईचारा स्थापित कर सकते हैं।
“विश्वकर्मा किरण” पत्रिका परिवार की तरफ से नवदम्पत्ति को परिणय सूत्र बन्धन की बधाई व सुखद मंगल जीवन की कामनाएं।

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