‘इण्डिया बुक ऑफ रिकार्ड’ में दर्ज हुआ अवनीश विश्वकर्मा का नाम

हमीरपुर। जिले के राठ क्षेत्र अन्तर्गत बरौली निवासी अवनीश विश्वकर्मा स्टेपलर पिन, माचिस की तीली, कील, धूप आदि से विभिन्न महापुरुषों के चित्र बनाते हैं। अवनीश ने बताया कि 17005 स्टेपलर पिन की मदद से युवाओं के आदर्श स्वामी विवेकानंद जी का चित्र बनाया। इस चित्र को बनाने में उन्हें 8 दिन का समय लगा। उनकी इस अद्भुत कलाकृति को इण्डिया बुक आफ रिकार्ड में दर्ज किया गया है। अवनीश की इस सफलता पर समूचे क्षेत्र में खुशी की लहर है।


इससे पहले अवनीश विश्वकर्मा ने दिल्ली में आयोजित अन्तर्राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी में पहला स्थान प्राप्त किया था। इस प्रतियोगिता में 9 देशों के 32 कलाकारों ने हिस्सा लिया था। अवनीश ने इस प्रदर्शनी में 3932 लोहे की कीलों से बना प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी का चित्र, सूर्य के प्रकाश से बनी मदर टैरेसा तथा माचिस की तीली व प्रकाश से बनी पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम की छायाकृति प्रस्तुत की थी। बेहतरीन प्रदर्शन के लिए निर्णायक मंडल द्वारा अवनीश को पहला स्थान दिया गया। अवनीश का लक्ष्य अब गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में शामिल होना है।


अवनीश विश्वकर्मा की कला और उसकी सफलता के लिये तमाम सामाजिक लोगों ने शुभकामनाएं दी है। राठ के मूल निवासी अब लखनऊ में रहकर विद्यालय संचालित कर रहे वरिष्ठ समाजसेवी राकेश विश्वकर्मा ने कहा कि अवनीश ने अपने गृहक्षेत्र के साथ ही विश्वकर्मा समाज का भी नाम रोशन किया है। राठ के ही लक्ष्मी प्रसाद विश्वकर्मा, विनोद शर्मा आदि लोगों ने भी अवनीश को बधाई दी है।

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