अस्तित्व में आया माटी कला बोर्ड, लौहकला एवं काष्ठकला बोर्ड कब बनायेगी सरकार?

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लखनऊ। कई महीने की मशक्कत के बाद आखिरकार प्रजापति समाज के उत्थान के लिये ‘माटी कला बोर्ड’ बन ही गया। जुलाई 2018 में ही योगी सरकार ने माटी कला बोर्ड बनाने की घोषणा किया था। माटी कला बोर्ड बनने के बाद ही विश्वकर्मावंशीय समाज की तरफ से ‘लौहकला एवं काष्ठकला बोर्ड’ बनाने की मांग तेज हो गयी है।
प्रमुख सचिव, खादी एवं ग्रामोद्योग नवनीत सहगल ने के अनुसार माटी कला बोर्ड के संचालक मण्डल में जनपद आगरा के धर्मवीर प्रजापति को अध्यक्ष बनाया गया है। मेरठ के लोकेश प्रजापति, अमरोहा के ओम प्रकाश गोला प्रजापति, आगरा के डॉ0 भगवान दास दक्ष, लखनऊ की नीलम बाला प्रजापति, मऊ के हरेन्द्र कुमार प्रजापति, जौनपुर के अजीत प्रजापति, सुल्तानपुर के पवन कुमार प्रजापति तथा बांदा के बरदानी प्रसाद प्रजापति को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।
जिस तरह प्रजापति समाज परम्परागत कारीगर है ठीक उसी तरह ही विश्वकर्मावंशीय समाज भी परम्परागत कारीगर है। सामाजिक कार्यकर्ता अरविन्द कुमार विश्वकर्मा ने उत्तर प्रदेश सरकार से लौहकला एवं काष्ठकला बोर्ड के शीघ्र गठन की मांग किया है। श्री विश्वकर्मा ने बताया कि वह इसके लिये विश्वकर्मावंशीय समाज के लोगों का समर्थन  जुटाकर अतिशीघ्र मुख्यमन्त्री से मुलाकात करेंगे। साथ ही उन्होंने भाजपा संगठन में काम कर रहे नेताओं से भी मिलकर सरकार पर दबाव बनाने की बात कही है। यदि सरकार लौहकला एवं काष्ठकला बोर्ड बनाती है तो निश्चित तौर पर विश्वकर्मावंशीय समाज के परम्परागत कार्यों को बढ़ावा मिल सकेगा और उनका उत्थान हो सकेगा।

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