सत्ता ही वह कुंजी है जो किसी समाज के विकास का रास्ता खोलती है— जे0एन0 विश्वकर्मा

लखनऊ। देश भर में 10 करोड़ और उत्तर प्रदेश में 2 करोड़ जनसंख्या वाला विश्वकर्मा समाज आजादी के सात दशक बाद भी राजनीतिक उपेक्षा का शिकार है। जिसके कारण विश्वकर्मा समाज अति पिछड़े वर्ग में होने का बाद भी शासन—सत्ता में भागीदारी नहीं पा सका। उक्त विचार विश्वकर्मा एकीकरण अभियान के राष्ट्रीय प्रमुख रिटायर्ड आईएएस अधिकारी जे0एन0 विश्वकर्मा ने मकबूलगंज लखनऊ के विश्वकर्मा मन्दिर परिसर में आयोजित 16वें अभियान दिवस के अवसर पर व्यक्त किया। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अभियान का लक्ष्य विश्वकर्मा समाज को जनसंख्या के सापेक्ष सत्ता में भागीदारी सुनिश्चित कराना है। क्योंकि सत्ता ही एक मात्र वह कुंजी है जो किसी समाज के विकास का मार्ग प्रशस्त करती है।


उन्होंने कहा कि आज सभी राजनैतिक दलों व सर्व समाज में विश्वकर्मा समाज की स्वीकार्यता बढ़ी है। लोग अब विश्वकर्मा समाज की ताकत का मूल्यांकन करने लगे हैं। उन्होंने प्रत्येक परिवार से एक—एक सदस्य को अभियान से स्वयं सेवक के रूप में जोड़ने का आवाहन किया। कहा कि, विश्वकर्मा एकीकरण अभियान के बढ़ते कदम और विश्वकर्मा समाज को सत्ता में भागीदारी देने से कोई भी दल अपने को रोक नहीं पायेगा। आने वाले दिनों में विश्वकर्मा समाज राजनैतिक पटल पर चमकते सितारे की तरह दिखाई देगा। अभियान में अपनी सक्रिय भूमिका अदा करने वाले हिन्दुस्तान एयरोनाटिक्स लिमिटेड दिल्ली के निवर्तमान एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर सी0के0 विश्वकर्मा ने इस अभियान को आम जनमानस से जोड़ने का आवाहन किया।


अभियान के राष्ट्रीय संचालक राम सुमिरन शर्मा ने प्रदेश के सभी मण्डल प्रभारियों से आग्रह किया कि वे अभियान के जिला प्रभारियों को सक्रिय कर प्रत्येक परिवार से एक—एक सदस्य को अभियान से जोड़ें।
विश्वकर्मा एकीकरण अभियान के प्रदेश प्रभारी नरेश पांचाल एडवोकेट ने कहा कि विगत 16 वर्ष के कालखण्ड में अभियान ने जो जन समर्थन हासिल किया है। उसका प्रदर्शन लखनऊ में अक्टूबर माह में विशाल जनसभा के रूप में प्रदर्शित होगा। उन्होंने समारोह में आये सभी स्वयं सेवकों व प्रभारियों से आग्रह किया कि वह अपने जिले के सांसद, विधायक, मंत्री, जिलाध्यक्ष को एक पत्र भेजें जिसमें विश्वकर्मा समाज को संख्याबल के अनुरूप सत्ता में भागीदारी सुनिश्चित किये जाने की मांग की गई है, उन्होंने इस पत्र की प्रतिलिपि भी सबको मुहैया कराई।
अभियान के प्रदेश संचालक इंदल विश्वकर्मा एडवोकेट ने सभी स्वयं सेवकों, प्रभारियों से आग्रह किया कि वे अपना स्वयं सेवक शुल्क व वार्षिक अंशदान 30 सितंबर तक अनिवार्य रूप से मुहैया करा दें। विश्वकर्मा किरण पत्रिका के सम्पादक कमलेश प्रताप विश्वकर्मा ने अभियान को विश्वकर्मा समाज के लिये संजीवनी बताया।
इस समारोह में बरेली मण्डल प्रभारी डा0 महेश योगी, कानपुर मण्डल प्रभारी ई0 राकेश शर्मा, चित्रकूट मण्डल प्रभारी राम मनोहर विश्वकर्मा सहित फतेहपुर प्रभारी वी0डी0 विश्वकर्मा, शाहजहांपुर प्रभारी रमेश चन्द्र विश्वकर्मा, फर्रुखाबाद प्रभारी मुन्नालाल शर्मा, महाराजगंज प्रभारी गोपाल शर्मा, सीतापुर प्रभारी प्रेम नारायण शर्मा, लखनऊ महानगर प्रभारी अहिबरन सिंह विश्वकर्मा, लखनऊ प्रभारी नन्दू विश्वकर्मा, सह प्रभारी काशी प्रसाद विश्वकर्मा सहित डा0 सुधीर कुमार शर्मा शाहजहांपुर, आचार्य रावेन्द्र शर्मा फर्रूखाबाद, डा0 सन्तोष विश्वकर्मा सीतापुर, विनय विश्वकर्मा फतेहपुर, भुआल विश्वकर्मा एडवोकेट, डा0 राजेश विश्वकर्मा एडवोकेट इलाहाबाद, जीत नारायण विश्वकर्मा मिर्जापुर, रामप्यारे विश्वकर्मा उन्नाव, के0पी0 विश्वकर्मा चित्रकूट, रूपेश विश्वकर्मा रायबरेलीद, दशरथ शर्मा भोजपुर (बिहार), ककुहांस मन्दिर के अध्यक्ष राम कैलाश शर्मा सहित अनेक विश्वकर्मा बंधु उपस्थित रहे।

1 Comment

  1. अति उत्तम प्रयास है ……अनेका अनेक संगठन न बनाकर एक मंच बनाया जाय तो संघर्ष प्रभावशाली होगा …मुझे अपने विश्वकर्मा परिवार पे गर्व है ….म.प्र.ठाकुर …रुद्रनगर ..पहाड़ी ..वाराणसी.. 09794862060…

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