विश्वकर्मा समाज ने मनाया स्वाभिमान क्रांति दिवस

वाराणसी। सरकार के भेदभावपूर्ण उपेक्षात्मक एवं दमनकारी नीतियों के खिलाफ ऑल इंडिया यूनाइटेड विश्वकर्मा शिल्पकार महासभा के तत्वावधान में विश्वकर्मा शिल्पकार समाज ने राजनारायण पार्क वाराणसी में महान समतावादी नेता एवं बंधुत्व और सद्भाव के प्रतीक स्वतंत्रता सेनानी लोकबंधु राज नारायण के प्रतिमा स्थल पर बड़ी संख्या में उपस्थित होकर अगस्त क्रांति दिवस को स्वाभिमान क्रांति दिवस के रुप में मनाया। इस अवसर पर संपन्न सभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक कुमार विश्वकर्मा ने कहा लंबे संघर्ष से हासिल आजादी के इतने सालों बाद आज भी देश और समाज के विकास में रचना तथा सृजन के सिद्धांत को प्रतिपादित करने वाला कामगार वर्ग राजनैतिक एवं सामाजिक उपेक्षा तथा असमानता और असम्मान का शिकार है, जो इनके सामाजिक अस्तित्व और स्वाभिमान पर गहरा चोट है।


उन्होंने कहा कि इस समाज के लोग आर्थिक विकास और भागीदारी से वंचित तथा शोषित हैं। सभा में नेताओं ने कहा, सरकार ने चुनाव के समय घोषणापत्र में किए गए वायदे को पूरा नहीं किया तथा विश्वकर्मा पूजा पर्व के अवकाश को रद्द करके इस समाज के साथ धोखा और अपमान किया। सभा में निर्णय किया गया कि करोड़ों लोगों के आस्था और इस समाज के स्वाभिमान के प्रतीक विश्कर्मा पूजा पर्व का सार्वजनिक अवकाश तथा आर्थिक विकास हेतु दस्तकार शिल्पकार विकास निगम की स्थापना एवं राजनीतिक भागीदारी के लिए समाज जोड़ो—गुलामी छोड़ो की भावना से एकजुट होकर मांग पूरी होने तक देशव्यापी स्वाभिमान एवं भागीदारी आंदोलन चलाया जाएगा। सभा में 9 अगस्त 1942 के शहीद क्रांतिवीरों को स्मरण करते हुए उन्हें नमन किया गया तथा भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
कार्यक्रम में प्रमुख रुप से सर्वश्री डॉ अरविंद गांधी, भैरो विश्वकर्मा, रमेश विश्वकर्मा, कन्हैया विश्वकर्मा, श्रीकांत विश्वकर्मा, नीरज विश्वकर्मा, दिनेश विश्वकर्मा, मनोज विश्वकर्मा, नंदलाल विश्वकर्मा, कन्हैया शिल्पी, भरत विश्वकर्मा, मोहित विश्वकर्मा, गोविंद विश्वकर्मा, जितेंद्र विश्वकर्मा, गोपाल जी विश्वकर्मा, ज्योत लाल विश्वकर्मा, रामधनी विश्वकर्मा, महेन्द्र विश्वकर्मा, राजकुमार, प्यारेलाल, सुजीत, आशीष सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।
सभा का संचालन जिला अध्यक्ष बचाऊ लाल विश्वकर्मा ने किया।

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