क्या विश्वकर्मा समाज को कुछ दिला पायेगी पीएम से इन नेताओं की नजदीकी?

​पिछले दिनों प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी जब वाराणसी और आजमगढ़ दौरे पर आये तो हवाई अड्डे पर आगवानी करने वालों में विश्वकर्मा समाज के नेता भी प्रमुख रहे। वाराणसी में भाजपा जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा तो आजमगढ़ में भाजपा प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य व पूर्व राज्यमन्त्री डा0 कृष्णमुरारी विश्वकर्मा उपस्थित रहे। यह दोनों ही नेता अपने—अपने क्षेत्रों में मजबूत पकड़ तो रखते ही हैं, साथ ही पूरे प्रदेश में इनकी पहचान है।


भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक दृष्टिकोण से प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से जब हंसराज विश्वकर्मा को जिला अध्यक्ष बनाया तो पूरे देश में इसकी चर्चा हुई और आज भी होती है। लोगों के बीच उम्मीद के साथ यह चर्चा बराबर होती है कि प्रदेश सरकार हंसराज विश्वकर्मा को सरकार में जरूर कोई बड़ा पद देगी। दूसरी तरफ डा0 कृष्णमुरारी विश्वकर्मा हैं जिन्हें भाजपा ने विधानसभा 2017 के चुनाव में आजमगढ़ जिले की मार्टीनगंज विधानसभा क्षेत्र से चुनाव मैदान में उतारा था। कृष्णमुरारी विश्वकर्मा किसी बड़ी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले विश्वकर्मा समाज के मात्र एक नेता थे। हालाकि भाग्य ने साथ नहीं दिया।
उपरोक्त दोनों ही नेता अपने आप में बेमिशाल हैं। दोनों के जिले में प्रधानमन्त्री आये और दोनों ने आगवानी किया। संक्षिप्त गुफ्तगू भी हुई। फोटो वायरल हुई तो चर्चा भी खूब हुई। विश्वकर्मा समाज के लोगों की निगाहें भी इन दोनों नेताओं पर उम्मीदों के साथ टिकी हुई हैं। लोगों को बड़ी आशायें हैं कि इन लोगों को भागीदारी मिले तो समाजहित में कोई अच्छा काम हो।
उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बने सवा साल से ज्यादा हो गया परन्तु अभी तक विश्वकर्मा समाज के किसी भी नेता को सरकार में शामिल करने की कोशिश नहीं हुई। सारे निगम, बोर्ड, आयोग खाली पड़े हैं। आशंका है, कहीं विश्वकर्मा समाज के नोताओं को पीएम की आगवानी या मंचों पर बैठाना सिर्फ दिखावा तो नहीं? कहीें यह सब दिखाकर विश्वकर्मा समाज के वोटों को हासिल करने की कोशिश तो नहीं? यदि भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को विश्वकर्मा समाज से लगाव है तो विश्वकर्मा समाज के नेताओं की सरकार में भागीदारी सुनिश्चित हो।

—अरविन्द कुमार विश्वकर्मा (स्वतन्त्र लेखक व विचारक) मो0: 9451151234

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