निम्बाराम सुथार ने विकलांगता को दी मात, हर बार प्राप्त की सफलता

पोकरण। ऊंचपदरा के निम्बाराम सुथार विकलांग होते हुये भी अपनी कड़ी मेहनत व परिश्रम से हर मुक़ाम हासिल करने की मिशाल को साकार कर रहे हैं। उनके परिश्रम में कभी भी विकलांगता आड़े नहीं आई, वह अब तक चार बार चयनित हो चुके हैं। उनका पहला चयन वर्ष 2013 के शिक्षक भर्ती परीक्षा में हुआ था जिसका मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण नियुक्ति सितम्बर 2017 में मिली। इसके बाद इनका चयन उच्च न्यायालय के एलडीसी में हुआ। फिर वर्ष 2015 में लेवल—2 अंग्रेजी विषय से चयन हुआ। अभी हाल ही में वर्ष 2018 की शिक्षक भर्ती में भी इनके नम्बर कट आफ से ज़्यादा ही हैं।
निम्बाराम सुथार विकलांग जरूर हैं परन्तु अपने मज़बूत इरादों के बलबूते स्वाभिमान की ज़िन्दगी जी रहे हैं। वह राजस्थान के प्रशासनिक सेवा में जाना चाहते हैं जिसके लिये पूरा परिश्रम कर रहे हैं। तैयारी में पूरी तन्मयता से लगे हैं। वह अपनी सभी सफलता का श्रेय अपने परिवारीजनों को देते हैं।

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