गोधरा में एक दिवसीय विश्वकर्मा सत्संग कथा सम्पन्न

गोधरा। गुजरात के गोधरा शहर में एक दिवसीय विश्वकर्मा पुराण सत्संग का आयोजन किया गया। यह आयोजन श्री सौराष्ट्र लुहार सुथार समाज एवं श्री लुहार सुथार युवक मंडल के तत्वावधान में श्री विश्वकर्मा भवन, एस0टी0 विभागीय कचेरी के पास, गोधरा में सम्पन्न हुआ।


​इस अवसर पर प्रसिद्ध विश्वकर्मा कथावाचक जयन्ती भाई शास्त्री जी महाराज के श्रीमुख से श्री विश्वकर्मा महा पुराण का एक दिवसीय संगीतमय सत्संग का आयोजन किया गया। श्री सौराष्ट्र लुहार सुथार समाज, गोधरा में आज से पांच साल पूर्व समाज के सभी बंधु के सहयोग से भव्य श्री विश्वकर्मा भवन का निर्माण किया गया था। दिव्य एवं भव्यता भरे इस भवन निर्माण के पांच साल पूरा होने के अवसर पर कार्यवाहक मंडल के अध्यक्ष सुभाषभाई खरादी, उपाध्यक्ष प्रवीणभाई मिस्त्री, मन्त्री रमेशचन्द्र मिस्त्री, सहमन्त्री अरुन कुमार मिस्त्री, कोषाध्यक्ष राजेन्द्र भाई मिस्त्री एवं समाज के युवक मंडल के प्रयास से यह कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।


समाज को भगवान विश्वकर्मा जी के अवतार चरित्र गाथा सुनकर एक नई दिशा मिले और हमारे कुल गौरव की युवा पीढ़ी को ज्ञान मिले यही शुभ हेतु भारत के प्रसिद्ध भगवान विश्वकर्मा जी के परम उपासक एवं धर्म प्रचारक जयन्ती भाई शास्त्री जी महाराज के श्रीमुख से एक दिवसीय संगीतमय भगवान विश्वकर्मा पुराण सत्संग कथा का आयोजन किया गया था।
कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए समाज के भामाशाहों ने कार्यक्रम के आयोजन हेतु अपना योगदान दिया। देवराजभाई व आनन्दभाई मिस्त्री ने शास्त्रीजी की संगीत टीम एवं साउन्ड आदि का खर्च उठा लिया एवं गोपालभाई व त्रिभुवनभाई मिस्त्री ने सुंदर निमंत्रण पत्रिका छपवाने का कार्य अपनी ओर से करवा दिया। कथा के दौरान चाय, काफी एवं मिनरल वाटर की व्यवस्था भानुप्रसाद, नाथालाल मिस्त्री एवं नटवरलालभाई खरादी के द्वारा किया गया।


प्रात: 8:30 बजे समाज के वरिष्ठ महानुभाव के कर कमलों से दीप प्रागट्य करके कार्यक्रम की शुभ शुरुआत की गई। जयन्ती भाई शास्त्री जी महाराज ने सुबह 9:00 से 12:00 और दोपहर 3:00 से साम 7:00 बजे तक भगवान विश्वकर्मा जी के अवतार चरित्र का अपनी संगीतमय शैली में वेद, उपनिषद एवं पुराणों के प्रमाण के साथ समाज के सामने अपनी भाव भरी शैली से वर्णन किया। समाज भवन में उपस्थिति सभी लोग भगवान विश्वकर्मा जी की सुन्दर चरित्र गाथा सुनकर भक्तिरस में डूब गये। कार्यक्रम में गोधरा नगर एवं आसपास से समाज बंधु एवं विविध संस्थान के पदाधिकारी गण उपस्थिति रहे। समापन अवसर पर समाज के पदाधिकारी एवं दाताश्री के द्वारा शास्त्री जी का पूरी टीम के साथ सम्मान किया गया।


कार्यक्रम के समापन के अवसर पर समाज के अध्यक्ष सुभाषभाई खरादी ने कहा की अधिक मास पावन अवसर पर प्रथम दिन हम सबको भगवान विश्वकर्मा जी का सुंदर चरित्र सुनने को मिला ये हम सब का सौभाग्य है। शास्त्री जी का पहला कार्यक्रम गोधरा में आयोजित करने का सौभाग्य हम सबको मिला है। शास्त्रीजी की कथा से हमारे समाज को एक नई दिशा मिलती है। ऐसे प्रवचन से ही सामाजिक उत्थान हो सकता है और समाज एकजुट हो सकता है। आज मैंनै देखा कि जब तक शास्त्री जी का प्रवचन चला आप सब बिल्कुल शान्त होकर सुन रहे थे और इतनी संख्या मे समाज बंधु अपने परिवार के साथ इतनी धूप में भी आये हैं यही हमारी सफलता है। शास्त्रीजी के श्री मुख एक दिवसीय विश्वकर्मा कथा सत्संग सुनकर अब तय किया है कि हम सात दिवसीय कथा सत्र का आयोजन जरुर करेंगे। साथ—साथ जिन समाज बंधु ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए तन, मन, धन से योगदान दिया है मैं समाज की ओर से सभी का आभार व्यक्त करता हूं एवं साधुवाद देता हूं।
कार्यक्रम के दौरान देवराजभाई मिस्त्री, विनोदभाई मिस्त्री, संजयभाई मिस्त्री, भावेशभाई मिस्त्री, लालजीभाई मिस्त्री, परषोतमभाई मिस्त्री एवं समाज के सभी बंधु ने अपनी ओर से सम्पूर्ण सहयोग दिया और कार्यक्रम को अविस्मरणीय बनाया।

2 Comments

  1. Jay vishwakarma ????
    Feel proud seen unity and dedication to enlight greatness of our caste.
    We must have superiority over all other communities as we love hard work with blessed divine creativity.
    I pray almighty to keep blessings to us ever with strength to work and sweetness to have togetherness.
    My Pranam to all my elders and humble greetings to all of whom I am.

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