अपने अधिकारों की लड़ाई के लिये एकजुट हो विश्वकर्मा समाज— राम आसरे विश्वकर्मा

इलाहाबाद। विश्वकर्मा समाज को सरकारी नौकरियों से लेकर लोकसभा विधानसभा में जनसंख्या के अनुसार भागीदारी सभी राजनैतिक दलों को देनी होगी। विश्वकर्मा समाज को अपने अधिकारों के लिये एकजुट होना पड़ेगा। उक्त बातें इलाहाबाद के पटेलनगर में आयोजित विशाल विश्वकर्मा सम्मेलन में अखिल भारतीय विश्वकर्मा शिल्पकार महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्वमन्त्री राम आसरे विश्वकर्मा ने कही। विश्वकर्मा समाज ने सम्मेलन आयोजित करके सपा के नवनिर्वाचित सांसद नागेन्द्र सिंह पटेल का नागरिक अभिनन्दन भी किया।


मुख्य अतिथि के रूप में पधारे सांसद नागेन्द्र सिंह पटेल ने कहा कि देश और समाज के विकास में विश्वकर्मा समाज का महत्वपूर्ण योगदान है जिसे भुलाया नहीं जा सकता। विश्वकर्मा समाज ने हमें लोकसभा का चुनाव जिताया है, मैं पूरे समाज को धन्यवाद देता हूं। सांसद ने कहा कि वह विश्वकर्मा समाज की हर समस्या को लेकर संघर्ष करेगें और मदद करेगें।


कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्वमन्त्री राम आसरे विश्वकर्मा ने किया। अपने सम्बोधन में श्री विश्वकर्मा ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार में हमें मन्त्री बनाकर मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव ने विश्वकर्मा को भागीदारी देकर समाज का सम्मान बढाया था। विश्वकर्मा पूजा की छुट्टी घोषित करके विश्वकर्मा समाज की पहचान बनायी थी। योगी सरकार ने विश्वकर्मा पूजा की छुट्टी को निरस्त कर भगवान विश्वकर्मा का अपमान किया और विश्वकर्मा समाज की पहचान मिटाने का काम कर रही है। भाजपा सरकार के एक वर्ष के कार्यकाल में इलाहाबाद, अम्बेडकरनगर, गोरखपुर, कानपुर, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बिजनौर सहित कई जिलों में विश्वकर्मा समाज के नौजवानों की हत्याएं हुई, महिलाओ के साथ बलात्कार हुआ, जमीनों पर कब्जा किया गया, समाज के लोगो को अपमानित किया गया लेकिन भाजपा सरकार की पुलिस ने कोई कार्यवाही नहीं की और न सरकार ने कोई मदद की, बल्कि विश्वकर्मा समाज के लोगो को उल्टे फर्जी मुकदमे में फंसाया जा रहा है। सपा सरकार में विश्वकर्मा समाज और पिछडे वर्गों के विकास के लिये चलायी गई योजनाओं छात्रवृत्ति, फीस प्रतिपूर्ति, शादी अनुदान, समाजवादी पेंशन, वर्कशाप का पट्टा, आईटीआई का प्रमाण पत्र, मुफ्त इलाज आदि को भाजपा सरकार ने बन्द कर दिया। भाजपा पिछडे वर्गों के आरक्षण से छेड़छाड़ करके समाप्त करने की साजिश कर रही है। अब पिछड़ा वर्ग हो या विश्वकर्मा समाज हो किसी को आरक्षण के तहत नौकरी नहीं मिलने वाली है। कहा कि आज विश्वकर्मा समाज का एक भी विधायक या मन्त्री न तो सदन में है और न सरकार में है जो इनकी आवाज को उठा सके। हम किसी का हक छीनना नहीं चाहते लेकिन हम चाहते हैं कि हमारी जितनी जनसंख्या है उसके अनुसार हमें भी लोकसभा और विधानसभा में हिस्सेदारी मिलना चाहिये। भाजपा विश्वकर्मा समाज और पिछड़े वर्गों की विरोधी है और इसके बहकावे में न आकर इससे सावधान रहने की जरुरत है। श्री विश्वकर्मा ने विश्वकर्मा समाज से अपना हक और अधिकार लेने के लिए सड़कों पर निकल कर आन्दोलन करने के लिये आवाहन किया।


विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित विधान परिषद सदस्य बासुदेव यादव ने कहा कि विश्वकर्मा समाज हमेशा समाजवादी पार्टी को वोट देता रहा है। जिलाध्यक्ष कृष्णमूर्ति यादव ने कहा कि विश्वकर्मा समाज को समाजवादी पार्टी के संगठन में रखकर सम्मान दिया जायेगा।
सम्मेलन का संचालन युवा नेता महेन्द्र विश्वकर्मा तथा रमाकान्त विश्वकर्मा ने किया। सम्मेलन को संदीप विश्वकर्मा, शिव प्रसाद विश्वकर्मा, कृष्णा विश्वकर्मा, बाबा विश्वकर्मा, सदाशिव विश्वकर्मा, रमाकान्त बंगाली, शिवशंकर वर्मा, अनुराग विश्वकर्मा, तिलकराज विश्वकर्मा, धनेश्वर विश्वकर्मा, राजू विश्वकर्मा, सुभाष विश्वकर्मा, अनिल विश्वकर्मा, लालजी शर्मा, कन्हैया विश्वकर्मा, मंजू विश्वकर्मा, पंकज विश्वकर्मा, बेनीमाधव विश्वकर्मा, शिवशंकर विश्वकर्मा आदि लोगों ने सम्बोधित किया।
—शिव प्रकाश विश्वकर्मा

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