धूमधाम से सम्पन्न हुई भगवान विश्वकर्मा मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा

बाड़मेर। जिले के धोरीमन्ना में शिल्पाचार्य सृष्टि रचयिता भगवान विश्वकर्मा मन्दिर के तीन दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा समारोह का समापन भव्य कार्यक्रम के साथ सम्पन्न हुआ। तीन दिवसीय कार्यक्रम के दौरान बोलियां परवान चढ़ी और कार्यक्रम में भामाशाहों ने जी खोलकर बोलियां लगाई। समाज के गणमान्य नागरिकों एवं विभिन्न क्षेत्रों में उच्चतम पायदान पर पहुंचने वाली समाज की प्रतिभाओं का सम्मान किया गया एवं समाज को कुरुतियों से मुक्त कराने के लिए संकल्प लिया गया।


सृष्टि के सृजनहार भगवान विश्वकर्मा—
स्थानीय विधायक एवं संसदीय सचिव लादूराम बिश्नोई ने बतौर अतिथि कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि भगवान विश्वकर्मा ने ही इस सृष्टि का निर्माण किया था। उन्होंने ही शिल्प एवं इंजीनियरिंग की कला का संचार जगत में किया। उनके साथ ही हेमाराम चौधरी पूर्व राजस्व मंत्री, सुश्री पार्वती जांगिड़ चेयरपर्सन यूथ पार्लियामेंट तथा व्याख्याता नरेश पालेचा ने भी विचार व्यक्त किया। मंच संचालन हरीश जांगिड़ एवं भोमराज सुथार ने किया।


रामदानाणि बूढड़ परिवार खारी ने चढ़ाया इण्डा—
मन्दिर की प्राण प्रतिष्ठा की बोलियों को आगे बढ़ाते हुए भामाशाहों ने दिल खोलकर दान किया। मुख्य कलश (इंडा) की बोली के लाभार्थी रामदोनोणी बूढड़ परिवार खारी ने इंडा चढ़ाया तथा अमर ध्वजा के लाभार्थी डूंगराराम कुलरिया बने। वहीं महाप्रसादी (फले चुँदड़ी) के चौखाराम माकड़ विश्वकर्मा ने मूर्ति स्थापना के धोंकलोणी माकड़ परिवार, श्री गणेश भगवान की मूर्ति के राणाराम भदरेशा परिवार तथा हनुमान जी की मूर्ति के किशनोणी माँडण परिवार लाभार्थी बने। साथ ही अन्य भामाशाहों का योगदान भी सराहनीय रहा। कार्यक्रम में व्यवस्थाओं को संभालने में बिंजा राम जोपिंग के नेतृत्व में अखिल भारतीय विद्यार्थी और छात्र संघ के कार्यकर्ताओं ने भी योगदान दिया।

5 Comments

  1. जय श्री विश्वकर्मा भगवान ।
    जय हो विश्वकर्मा वंश की।।

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