राष्ट्र व समाज विश्वकर्मा समाज का ऋणी— स्वामी ओमानंद

सहारनपुर। विश्वकर्मा महासभा जनपद सहारनपुर की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण समारोह में समाज की एकता और प्रगति का संकल्प लिया गया। भगवतपीठ श्री शुकदेव आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद सरस्वती ने कहा कि राष्ट्र और समाज विश्वकर्मा समाज की अमूल्य सेवाओं का ऋणी है। स्वतन्त्र प्रभार राज्यमन्त्री डा0 धर्मसिंह सैनी ने कहा कि विश्वकर्मा समाज की सादगी ईमानदारी और सेवा से प्रेरणा लें।
दिल्ली रोड स्थित मनानी रेलवे क्रासिंग के निकट स्वामी कल्याणदेव विश्वकर्मा महिला डिग्री कालेज में आयोजित शपथ ग्रहण एवं शिलान्यास समारोह में भगवतपीठ शुक्रताल से आए स्वामी ओमानंद सरस्वती ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा सृष्टि के रचयिता और शिल्पकला विज्ञान के प्रवर्तक थे। विश्वभर में तकनीकी ज्ञान से विकसित औद्योगिक विकास में विश्वकर्मा समाज का महत्वपूर्ण योगदान है। कहा कि समाज के वंचित, शोषित, पिछड़े और उपेक्षित समाज में शिक्षा बढ़ेगी तो भारत का नवनिर्माण होगा।
प्रदेश के स्वतन्त्र प्रभार राज्यमन्त्री डा0 धर्मसिंह सैनी ने कहा कि संगठन की शक्ति से समाज का आत्मबल बढ़ता है। भाजपा के प्रान्तीय उपाध्यक्ष जसवंत सैनी ने कहा कि विश्वकर्मा समाज सहयोगी और सदभाव का पक्षधर रहा है। रामपुर मनिहारान के विधायक देवेन्द्र निम ने कहा कि यह संस्था बेटियों को संस्कारित और उच्च शिक्षित बनाएगी। देवबंद विधायक बृजेश सिंह ने कहा कि विश्वकर्मा समाज को राजनीति में भागीदारी मिलनी चाहिए। गंगोह विधायक प्रदीप चौधरी ने कहा कि विश्वकर्मा महासभा ने गांव-गांव तक समाज को जागरुक किया है। पूर्व विधायक राजीव गुंबर ने कहा कि विश्वकर्मा समाज ने अपने शिल्प कला और ज्ञान से सच्ची देश सेवा की है। अखिल भारतीय पांचाल महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा0 वेदप्रकाश पांचाल ने कहा कि शिक्षा का दान सबसे बड़ा महादान है। समाज की उन्नति को समझना होगा। इस मौके पर महासभा की ओर से महापौर संजीव वालिया का अभिनंदन किया गया।
समारोह में भाजपा जिलाध्यक्ष बिजेन्द्र कश्यप, पूर्व जिलाध्यक्ष मानवीर सिंह पुंडीर, आचार्य गुरुदत्त आर्य, ओमदत आर्य, रघुवीर सिंह आर्य, राधेश्याम जांगिड़, रमेशचंद विश्वकर्मा ने भी विचार रखे। अध्यक्षता पुन्नामल गुणदेव तथा संचालन विश्वकर्मा महासभा के संयोजक ओमपाल पांचाल और मास्टर नकली राम धीमान ने किया। इस अवसर पर ऋषिपाल पथिक ने भजन सुनाए।

4 Comments

  1. बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाएं

  2. I feel very very proud for your achievement,and I also pray to Almity God to give wijdome,knowledge of power and power of writing.With best complements……S P Sharma

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