समाजसेवियों व राजनीतिज्ञों ने दी पूर्व मेयर को श्रद्धांजलि

गोरखपुर। नगर निगम के पूर्व मेयर स्व0 राजेन्द्र शर्मा को श्रद्धांजलि देने के लिये जिला पंचायत सभागार में अखिल भारतीय विश्वकर्मा शिल्पकार महासभा की तरफ से श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस श्रद्धांजलि समारोह में कई सामाजिक, राजनीतिक व बुद्धिजीवी लोग सम्मिलित रहे। वक्ताओं ने उनके व्यक्तित्व व कृतित्व पर विस्तृत प्रकाश डाला।
श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में अखिल भारतीय विश्वकर्मा शिल्पकार महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मंत्री राम आसरे विश्वकर्मा, समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल, जगदीश यादव जी, मनुरोजन यादव, पूर्व विधायक राजमति निषाद, पूर्व मंत्री राम भुवाल निषाद, पार्षद व महानगर अध्यक्ष जियाउल इस्लाम, पूर्व पार्षद विजेन्द्र अग्रहरी, विश्वनाथ विश्वकर्मा, महासभा के जिलाध्यक्ष राम औतार विश्वकर्मा, रवीन्द्र विश्वकर्मा, बबलू विश्वकर्मा, सपा जिलाध्यक्ष प्रहलाद यादव, किसान सिंह, अवधेश यादव, जनार्दन शर्मा, ई0 रमाशंकर शर्मा, पवन विश्वकर्मा, मुन्ना विश्वकर्मा, डा0 एस0एन0 विश्वकर्मा, दयानंद विश्वकर्मा, एन0एल0 शर्मा, दशरथ विश्वकर्मा, साहबदीन विश्वकर्मा, राहुल विश्वकर्मा, यशपाल विश्वकर्मा, विद्या देबी, रामकैलाश विश्वकर्मा, विजय विश्वकर्मा, श्याम जी विश्वकर्मा, अवधधारी विश्वकर्मा, महासचिव इन्द्राशन विश्वकर्मा, नगर अध्यक्ष उमेश विश्वकर्मा, युवा नगर अध्यक्ष बृजेश विश्वकर्मा, कैलाश विश्वकर्मा, संजय विश्वकर्मा, राजू विश्वकर्मा, अनिरूद्ध विश्वकर्मा, अनिल सर्राफ, अजय गुप्ता प्रमुख थे। इसके अलावा गोरखपुर के अगल—बगल के जिलों से काफी संख्या में विश्वकर्मा बंधुओं ने मौके पर पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित किया।
बता दें कि हार्ट अटैक आने से स्व0 शर्मा अस्पताल में भर्ती थे जिनका 26 जनवरी को निधन हो गया। वह 1995 से 2000 तक गोरखपुर के मेयर रहे। वह बीजेपी के बैनर तले मेयर बने थे परन्तु पिछले दो साल से समाजवादी पार्टी से जुड़े थे। 1995 में जब गोरखपुर नगर निगम के मेयर की सीट पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षित हुई तो राजेन्द्र शर्मा के नाम पर पार्टी ने मुहर लगाया। उन दिनों राजेन्द्र शर्मा की नजदीकी संघ परिवार से भी बहुत अच्छी थी। न सिर्फ कई दिग्गजों को पछाड़कर राजेन्द्र शर्मा सिर्फ टिकट पाए, बल्कि वह बीजेपी के पहले मेयर भी बने। वह 2010 तक सक्रिय राजनीति में थे। काफी समय से वह राजनीति में सक्रिय नहीं थे। बीजेपी से भी उनका मोह भंग हो गया था। पिछड़े वर्ग के नेता के रूप में स्व0 शर्मा मजबूत उपस्थिति रखते थे। समय के साथ बीजेपी की बदलती राजनीति ने राजेन्द्र शर्मा को राजनीति से मुंह मोड़ने को मजबूर कर दिया। वह इधर काफी दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे। उनकी मौत हार्ट अटैक से हुई। राजेन्द्र शर्मा के रूप में गोरखपुर शहर ने एक संघर्षशील नेता खो दिया। मेयर रहने के बावजूद वह सिलाई मशीन की मरम्मत के कारखाने से अपनी जीविका चलाते थे।

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