शिक्षा से ही होगा युवा पीढ़ी का निर्माण: ओमानंद

मुजफ्फरनगर। भगवतपीठ श्री शुकदेव आश्रम, शुक्रताल के पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद सरस्वती ने कहा कि शिक्षा जीवन का निर्माण करती है। युवा पीढ़ी शिक्षित बनेगी, तभी परिवार, समाज और राष्ट्र का सवार्गीण विकास संभव है।
श्री विश्वकर्मा धीमान सेवा संघ के तत्वाधान में रूड़की रोड़ स्थित दीपक पैलेस में आयोजित अलंकरण समारोह में विश्वकर्मा समाज के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया।  वर्ष 2017 की हाईस्कूल परीक्षा में मेधावी अमन सिंह, दैविक मोहन, अखिल तथा इंटरमीडिएट में ऋषभ कुमार, शिवानी धीमान और काजल को मुख्य अतिथि स्वामी ओमानंद सरस्वती जी महाराज ने सम्मानित कर आशीर्वाद प्रदान किया। स्वामी जी ने कहा कि सृष्टि निर्माता भगवान श्री विश्वकर्मा प्राणिमात्र के आराध्य हैं। पूरे विश्व में तकनीकी ज्ञान के आदि प्रवर्तक विश्वकर्मा की महिमा स्थापित है। जेम्स व्हाट, अल्फ्रेड नोबल, एडिसन, अब्राहम लिंकन आदि महान व्यक्तित्व विश्वकर्मा वंश में जन्मे थे। वैदिक संस्कृति से जुड़े समाज के बच्चे तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में देश को अग्रणी बनायें। शिक्षा जीवन मे परिवर्तन लाती है। शिक्षा ऋषि वीतराग स्वामी कल्याणदेव जी महाराज ने गांव-गरीब के घर विद्या की ज्योति जगाई। विद्यार्थी सद्गुणों को जीवन मे धारण करें। अनुशासन, ईमानदारी, देशभक्ति, संयम, स्वच्छता, परिश्रम और माता-पिता की सेवा अपनायें। विश्वकर्मा समाज की सेवाओं का राष्ट्र ऋणी है।
विशिष्ट अतिथि श्रम प्रवर्तन अधिकारी नीरज मोहन ने कहा कि विद्यार्थी पढ़ाई के लिये लक्ष्य निर्धारित करें। लगन और समर्पण से ही कामयाबी मिलती है। आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि युवा नैतिक शिक्षा के मूल्यों को समझें। नैतिक आचरण पवित्र बनेगा, तभी जीवन उत्तम बनेगा।  विहिप के पूर्व जिलाध्यक्ष राधेश्याम विश्वकर्मा ने कहा कि बच्चे आईआईटी, मेडिकल जैसी परीक्षाओं के साथ सिविल सर्विस का लक्ष्य बनायें। वैदिक प्रचारक पंडित शांता प्रकाश आर्य ने कहा कि युवा शक्ति जागेगी तो निश्चित ही समाज की उन्नति होगी। शिक्षाविद रविदत्त धीमान ने कहा कि बुराइयों के खिलाफ क्रांति की आवश्यकता है। राजकीय इंटर कालेज के प्रधानाचार्य रमेश चंद ने श्रेष्ठ अमन तथा ऋषभ को पुस्तकें भेंट की। वास्तुविद पंडित ज्ञानचंद का अमूल्य सेवाओं के लिए स्वामी ओमानंद सरस्वती ने अभिनंदन किया। संघ के महामंत्री नरेश विश्वकर्मा के अनुसार हाईस्कूल वर्ग में 77 तथा इंटरमीडिएट में 64, कुल 141 मेधावियों को सम्मानित किया गया है।
समारोह की अध्यक्षता श्री विश्वकर्मा धीमान सेवा संघ अध्यक्ष निर्मल सिंह धीमान एवं संचालन ओमदत्त आर्य व नरेश विश्वकर्मा ने किया।
इस अवसर पर कालूराम धीमान, सरदार सुलक्खन सिंह नामधारी, विजेंद्र धीमान कुरलकी, सरदार बलविंदर सिंह, सेवाराम धीमान, मा. महेंद्र दत्त, नरेंद्र श्रंगी, सतीश धीमान, आनंद धीमान, तेलूराम धीमान, बाबूराम पांचाल, जगदीश पांचाल, ओमप्रकाश धीमान, भीष्म धीमान, जनार्दन, मुकेश धीमान, शुभम, दलजीत, आशीष, अमित सहित काफी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*