नमामि गंगे अभियान के लिये कुलरिया परिवार की तरफ से एक करोड़

ऋषिकेश। ब्रह्मलीन संत दुलाराम कुलरिया परिवार ने नदियों को निर्मल बनाने की योजना में उत्तराखण्ड सरकार को एक करोड़ रुपये का योगदान किया है। इस मौके पर उत्तराखण्ड के मुख्यमन्त्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत स्वयं उपस्थित रहे।
ऋषिकेश में आयोजित संत दुलाराम कुलरिया की पुण्य स्मृति  में रामप्यारी देवी कुलरिया की प्रेरणा से 5 अक्टूबर से 12 अक्टूबर तक भागवत कथा का आयोजन किया गया। इस भागवत कथा में कथावाचक महत्व 1008 क्षमा राम जी महाराज द्वारा कथा का वाचन किया गया। कथा का आयोजन संत श्री दुलाराम जी कुलरिया फाउण्डेशन ट्रस्ट के मुख्य भंवर कुलरिया, नरसी कुलरिया व पूनम कुलरिया द्वारा किया गया। तीनों भाइयों ने मां गंगा की सफाई अभियान के लिए एक करोड़ रूपये उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत को दिये। कथा में हजारों की तादाद में श्रद्धालु पहुंचे। वहां पर रहने व खाने की उचित व्यवस्था की गई थी।
महन्थ क्षमाराम जी ने अपनी कथा में कहा कि- भगवानकी बनाई प्रत्येक वस्तु से प्रेम ही भगवान से प्रेम है। भगवान कोई वस्तु नहीं है, कोई पदार्थ भी नहीं है। ईश्वर तो केवल अनुभूति का विषय है। भगवान की अनुभूति पाने के लिए मन में वेदना हो, नीति और विचार श्रेष्ठ हो, दृढ़ विश्वास हो और संकल्प के साथ मन लगाते ही भगवान की कृपा का ज्ञान हो जाएगा। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार छोटा बच्चा माता-पिता द्वारा दी हुई वस्तु को पुन: उन्हें देता है तो कितनी खुशी होती है, ठीक उसी प्रकार भगवान का दिया हुआ भगवान को समर्पित करने से भगवान भी प्रसन्न होते हैं। जिस प्रकार गंदगी में इत्र छिड़कने से कोई लाभ नहीं होता, ठीक उसी प्रकार पहले अपने हृदय को स्वच्छ बनाने, किसी के प्रति भी ईर्ष्या द्वेष न रखने पर ही कथा सुनने का लाभ मिलता है। परमार्थ निकेतन आश्रम के प्रमुख चिदानंद जी सरस्वती महाराज ने भी कथा वाचन किया।
इस कथा में उत्तराखण्ड के मुख्यमन्त्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, पतंजलि योग विद्यापीठ के प्रमुख बालकृष्ण आचार्य, उत्तराखण्ड के पर्यटन मन्त्री संत सतपाल जी महाराज, गौसेवी पदमाराम कुलरिया, उगमाराम कुलरिया, मघाराम कुलरिया, धर्म कुलरिया, चिमाराम कुलरिया, जांगिड़ समाज के बिल्डर लीलाराम जांगिड़, अमराराम दुबई, पुखराज पाराशर, जगदीश जांगिड़, सूरजमल, विशनाराम चूर्ण, शिवजी कलाकार, हीरालाल माकड़, दीपाराम चौधरी, हरीलराम  महाकाल, दीपक खोखा, मुन्नीलाल, हनुमान, बालाजी (न्यायिक मजिस्ट्रेट), रमेश कानाराम, बालाजी, भैरव सुथार, परमेश्वर सुथार, दीपक, जगदीश, गोपी नरेन्द्र नगर, सुखदेव, राजेश, अशोक, सुखदेव, मोहित, जनक, अभिषेक, मोहित आदि गणमान्य उपस्थित रहे। इन सभी का भंवर कुलरिया, नरसी कुलरिया व पूनम कुलरिया के नेतृत्व में कुलरिया परिवार के द्वारा स्वागत-अभिनंदन किया गया। भागवत कथा में सम्पूर्ण कुलरिया परिवार उपस्थित रहा।
सम्पूर्ण कार्यक्रम का मंच संचालन प्रदीप माकड़ सुथार मुंबई और युवा उद्घोषक एंकर तिलोक एस सुथार बाड़मेर द्वारा किया गया।
शुभकामनाएं-
देशकी सबसे पवित्र नदी गंगा की सफाई के लिए एक करोड़ रुपये देने की घोषणा पर राजस्थान के पूर्व मुख्यमन्त्री अशोक गहलोत ने कुलरिया परिवार को शुभकामनाएं दी है। उन्होंने इस सम्बन्ध में कुलरिया परिवार को पत्र लिखकर संत दुलाराम कुलरिया की स्मृति में किए गये इस परोपकार के लिए उनका धन्यवाद ज्ञापित किया है। उन्होंने कहा कि इससे देश के अन्य भामाशाह भी प्रेरित होंगे। अपने परिजनों को श्रद्धासुमन अर्पित करने का इससे अच्छा कार्य और कोई हो ही नहीं सकता।
कई और बड़ी हस्तियों, समाजसेवियों व राजनीतिक व्यक्तियों ने भी कुलरिया परिवार की प्रशंसा की है।

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